ईयरलोब सर्जरी “मांस की मरम्मत”

ईयरलोब याने कान के नीचे जो मेद और त्वचा से बना हुआ जो नाजुक हिस्सा होता है और जिसे ज्यादातर भेदने से पीड़ा सहन करनी पड़ती है | लेकिन कभी कभी कोमलता की वजह से बड़े और लम्बे झुमके डालने के बाद विभाजित होती है | यह कान की फटी हुई स्थिति आपके कान को और रूप को भी बदसूरत बना देती है | अगर इस में सुधार लाना हो तो कान की लौ की कुछ छोटी सी ईयरलोब सर्जरी की प्रक्रिया करके जल्द ही दुरुस्त होती है | हमेशा ऐसा देखा जाता है कि, कान कि लौ में जो बड़े छेद बनाते है वे बड़ी बड़ी या लम्बी फिरकी वाली बालियाँ डालने से होते है | लेकिन ये भी ईयरलोब फ्लेश रिपेयर के जरिये दुरुस्त होती है |

ईयरलोब सर्जरी की प्रक्रिया :-

ईयरलोब सर्जरी ईयरलोब की स्थिति और पेशंट को क्या नतीजे चाहिए इसपर निर्भर होकर ईयरलोब को पुनराकार देते है | ईयरलोब सर्जरी ईयरलोब की स्थिति और पेशंट को क्या नतीजे चाहिए इसपर निर्भर होकर ईयरलोब की पुनर्रचना करते है | ये छोटी सी प्रक्रिया है जो लोकल अनेस्थेशिया देकर करते हैं | कोई भी सर्जन को यह प्रक्रिया पूरी करने में बीस से तीस मिनिट से ज्यादा वक्त नहीं लगता | सर्जन बारीकी से कान की लौ को दुरुस्त करते है और नैचरल जैसा आकार देते है |

जिनके कान की लौ ढीली पड़ गयी हो उसे फिरसे आकार देने के लिए ईयरलोब रिडक्शन का विकल्प सबसे बढ़िया माना जाता है ताकि उसे प्रमाण बद्ध बनाया जा सके | मगर विभाजित ईयरलोब के लिए उसे सिलाने से जोड़ा जाता है और दुरुस्त किया जाता है |

और ऐसे भी लोग है जिनके कान की लौ पूरी खींची हुई होती है, जो मांस का छेद किया हुआ टुकड़ा लगाकर दुरुस्त किया जाता है | सिर्फ थोड़े टांके डालकर ये हिस्सा बड़े आराम से दुरुस्त होता है | फिर भी कान की लौ अपने पुराने आकार नहीं पा सकती लेकिन पुनराकार तो निश्चित रूप से पा सकते है |

एक अच्छी बात यह है कि, जिन मरीजों के ऊपर यह सर्जरी हुई है उन्होंने ने कहा कि प्रक्रिया बिलकुल पीड़ा दायक नहीं थी | फिर भी मरीजों को कुछ बेचैनी महसूस हो सकती है जो एक मामूली बात है | मरीजों को प्रक्रिया के बाद दवाइयों की भी जरूरत नहीं पड़ती |

प्रक्रिया के बाद ली जाने वाली खबरदारी:-

प्रक्रिया के बाद मरीज एक छोटेसे बैंडेज के साथ तुरंत घर जा सकता है | टांके एक या दो हफ्ते बाद निकाले जाते है | जबतक ईयरलोब ठीक नहीं होता और व्रण नरम नहीं पड़ता तब तक व्रण दिखाई ही देता है | और हाँ! ये नए कान की लौ में फिरसे बाली सिर्फ छह महीनों के बाद ही डाली जा सकती है |

कुछ गड़बड़ी की संभावना:-

ये प्रक्रिया लोकल अनेस्थेशिया देकर करते है तो इसमें कोई भी गड़बड़ होने की आशंका नहीं | आप अपनी तबीयत ठीक होने के बाद अपनी रोजमर्रा की जिंदगी जी सकते है | सर्जन आपको सूचना देंगे और आपको व्रण के बारे में किसी भी उलझन न हो इसलिए आप को उन सूचनाओं का बारीकी से पालन करना होगा |

बाद में ली जाने वाली खबरदारी :-

जख्म का ड्रेसिंग एक दो घंटे में निकालकर जख्म को अच्छी तरह से सलाईन वाटर से दिन में दो बार रुई से साफ करना पड़ता है | और साफ करने के बाद जंतु नाशक मरहम लगाना होता है | किसी भी क़िस्म का तान तनाव सर्जरी की जगह नहीं होना चाहिए | पहले तीन चार दिन तक जख्म बिलकुल साफ और सूखा रखना चाहिए |

इस प्रक्रिया में कोई धोखा तो नहीं?

ईयरलोब सर्जरी में कोई सम्भाव्य धोखे हो सकते हैं, जैसे रूधिरस्राव, जन्तुसंसर्ग या व्रण रहना | लेकिन एक अच्छी बात यह है कि यह बहुत ही सुरक्षित, कम धोखे वाली प्रक्रिया है |