सर्जरी के बिना त्वचा तानना और चरबी कम करना |

क्या आप ने सोचा है की सिर्फ कसरत,परहेज या व्यायाम आप के लिए काफी नहीं है? अब समय आ गया है कॉस्मेटिक प्रक्रिया के बारे में सोचने की अगर आप अच्छा फल  पाना चाहते हो तो!अगर आप सर्जरी के बिना या सर्जरी छोडके किसी और प्रक्रिया  को पसंद करते हो तो आप सही जगह पर आ गए हो|

पेट के ऊपर की,गोद की,जंघा की या बाकि किसी जगह की लक्ष्य बनायीं हुई जिद्दी चरबी निकालने के लिए

अहिंसावादी तरीका आ गया है|तो अब सस्ता ,बगैर सर्जरी, और वैद्यकीय सबूतों के साथ ,आये हुए इस उपचारों का अच्छा फल मिल सकता है|यह सब  पोलोजेनके ट्राय लिपो  ट्रिपल एक्शन रेडिओ फ्रीक्वेंसी पद्धति के उपयोग से प्राप्त होता है|

पोलोजेन ट्राय लिपो ट्रिपल एक्शन रेडिओ फ्रीक्वेंसी टेक्नोलॉजी :-

यह एकमात्र रेडिओ फ्रीक्वेंसी पर आधारित उपकरण है, जो एक के बाद एक ऐसे तीन चरणों में काम करता है|ट्राय -लिपो पहले चुने हुए मेद पेशियोंपर ऊष्मा पैदा करता है|और रेडिओ फ्रीक्वेंसी का उपयोग करके उन्हें रिहा करता है|बादमें ट्राय लिपो DMA उनका पाचन करता है|और रिहा की गयी पेशियों को लसिका नलिकाओं से नि:सारण करता है| इससे कोलाजेन नामका प्रोटीन जल्द तरीके से सिकुड़ जाता है|और त्वचा का आकार फिरसे पुनर्गठित होता है|इस उपचार से सेल्युलाईट का स्वरुप कम होता है|

इस तरह सही मात्रा में नियंत्रित की गयी हाय फ्रीक्वेंसी अल्ट्रा साउंड लहरें मेद पेशियों पर निशान साधते है और उनको पिघलाते है|और रेडिओ फ्रीक्वेंसी ऊर्जा प्रोटीन प्रवृत्त करके त्वचा को सिकोड़ती है|जिससे त्वचा तनी हुई लगती है|और हाँ, यह उपचार स्त्री या पुरुष कोई भी  ले सकता है|वैसे ही शरीर के किसी भी हिस्से पर  किया जा सकता है|इसलिए कम मात्रा में मेदसंचय हुआ मरीज या परत हुई लुढ़कती त्वचा का मरीज इनके लिए  हिंसक उपचारों के मुकाबले यह एक अच्छा विकल्प है|यह उपचार पद्धति सर्जिकल प्रक्रिया जल्द होने के लिए या ठीक तरह से चलानेके लिए भी काम आती है|

 

यह तंत्रज्ञान किस तरह कार्य करता है?

अल्ट्रा साउंड और रेडिओ फ्रीक्वेंसी का मिश्रण त्वचा के अंदर तह तक जाकर ऊष्मा प्रसारित करता है |जिससे मेद का नाश करने में, कोलाजेन प्रोटीन का पुनर्गठन करने में और त्वचा सिकुडने में परिणाम दिखाई देता है|

अल्ट्रा साउंड ऊर्जा :-

१]अंतस्त्वचा के मेद पेशियों को निशाना करती है|

२]ऊष्मा से मेद पेशियाँ की झिल्ली त्वचा फूँटती है |

३] और उसमे से मेद पेशियाँ पिघल जाती है और आजूबाजूओं की पेशियों में घुल जाती है|

४] इसका परिणाम मेद पेशियों का आकार सिकुडनेमें होता है|

५] शरीर उसके बाद मेदा का पाचन करता है|और पिघले हुए मेद का निपटान करता है|बाकी बचा मेद,शरीर अपने प्राकृतिक प्रक्रियासे उत्सर्जित करता है|फिर भी थोडासा मेद बच जाता है|

६]त्वचा के बिलकुल अंदर का हिस्सा गर्म होता है| और इससे कोलाजेन प्रोटीन के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू होती है|इसमें लम्बे  कोलाजेन प्रोटीन के धागे का  शरीर के मरम्मत की प्रक्रिया में रेडिओ फ्रीक्वेंसी की ऊर्जा से नाश हो जाता है|फिर नया कोलाजेन प्रोटीन का जाल तैयार होता है|और तना हुआ होने से उसका जवानी से भरे गठन में बदलाव होता है जो आगे चलकर त्वचा को लचीलापन देता है और उसके बनावट में सुधार आ जाता है|

७]रेडिओ फ्रीक्वेंसी ऊर्जा रुधिराभिसरण का वेग बढाती है जिससे लसिका से नि :सारण जोरसे होता है|और ज्यादा पिघला  हुआ  मेद शरीर से सुरक्षितता से और असरदार रूप से बाहर फेका जाता है|

८] इस तरह अल्ट्रा साउंड और  रेडिओ फ्रीक्वेंसी इन दोनोंके मिलाप से चेहरे के साथ बाकी शरीर पर भी सर्जरी बगैर सर्जरी  परिणाम करती है| उससे भी ज्यादा याने एनर्जी फ्लो कंट्रोल अर्थात EFC ,पेशियोंको बिलकुल कम समय में सुरक्षित आरामदेह और नियंत्रित ऐसा ज्यादा औष्णिक परिणाम देते है|

९] इस उपचार पद्धतिसे  लव हैंडल्स ,सीना ,पेट आँखे ,चेहरा, गला,कूल्हे तथा पार्श्वभाग ,घुटनेसे पैर ,इन सब पर असरदार इलाज होता है|

आर  एफ और अल्ट्रा साउंड के जरिये चेहरा खूबसूरत बनाने में हमें क्या अपेक्षा कर सकते है?

रेडिओ फ्रीक्वेंसी के जरिये चेहरे का गठन, नूतनीकरण, उत्थान ,बदल  और रचना अदि करना

१]झुर्रियां आश्चर्यजनक  तरीकेसे कम होती है|

२] नौजवान त्वचा नरम बनती है

३]कोलाजेन प्रोटीन के निर्माण में तेजी आती है|

बहुत ही कम समय में मेद, कमरके निचे का मोटापा,त्वचा और गठन इनको लक्ष्य करते है|

१] मोटापा कम होता है|

२]त्वचा करारी होती है|

३] पेट और पैरों की चरबी कम होती है

४]| त्वचा को निखार आता है|

इस प्रक्रिया करने के लिए  कौन काबिल हो सकते है?

१] मध्यम मात्रा में  मेद संचय हुई व्यक्ति ,

२]झुर्रियां, आँखों के बाजुमें आई रेखाएं ,परत, त्वचा आदि से उम्र बढनेका एहसास होनेवाली व्यक्ति|

३] जो व्यक्ति किसी वैज्ञानिक कारणोंसे सर्जिकल प्रक्रिया नहीं कर पाते|

 

परिणाम और सुधार:-

 

यद्यपि यह प्रक्रिया क्षेत्र पर और संख्या पर निर्भर होती है फिर भी ३० से ४५ मिनिटोंमें पूरी हो जाती है|प्रमुख  बात यह है की इस प्रक्रिया में कुछ भी बिघाड नहीं होता |पहले ही सत्र में लक्षणीय सुधार दिखाई देता है | और २ से ६ महीनों तक सुधार होता रहता है|सामान्यत: पेशंट को अच्छे फल पाने के लिए ३ से ६ बार उपचार लेने पड़ते है|पेशंटको अपनी मंजिल पाने के लिए और व्यक्तिनुरूप गरज के अनुसार कुछ प्रक्रियाओं की सूचना दी जाती है |