बालों का झड़ना रोकने के लिए रास्ते -सर्जिकल और मेडिकल विकल्पों की मार्गदर्शक

बाल झड़ना यह सामान्य बात है जो ज़्यादातर लोग अनुभवते हैं|  यह मुख्यतः तभी होता है,   जब बालों के फॉलिकल बढ़ना बंद हो जाता है और बालों का झड़ना तो शुरू ही रहता है| इस स्थिति को अलोपेशिया कहते हैं|सामन्यात: ऐसा कहा जाता है कि दिन में करीब करीब 100 बाल झड़ते हैं और यह वाकई आम बात है|कुदरती तौर पर बालों का झड़ना बालों के जीवन चक्र कि वजह से होता है, जिसमें बाल, बढ़ने की स्थिति और रुकने की स्थिति से गुजरते हैं| बालों के बढ़ने की अवस्था सामन्यात: दो से तीन साल तक होती है | इस अवस्था में हर महीने बालों की बढ़त लगभग ½ इंच होती है|मगर ऐसे कुछ लोग है जो अतिरिक्त बाल झड़ना अनुभवते हैं| और ऐसी स्थिति बालों का पतला होना या गंजापन निर्माण करती है|

बाल झड़ने के प्रकार

पैटर्नगंजापन – यह ज़्यादातर आनुवंशिक या जनुकोने अपनाया हुआ गंजापन है जो अंड्रोजेनिक आलोपेशीया नाम से जाना जाता है|गंजापन ज़्यादातर इसलिए दिखता है क्योंकि बालों के  अतिरिक्त झड़ने पर शरीर नए बाल पैदा करने में असफल होता है|यह समस्या पुरुष और स्त्री ये दोनों में बराबर पायी जाती है|पुरुष नमूना[पैटर्न] गंजापन में बालों की रेखा घटती है और माथे के इर्द गिर्द बाल पतले होकर अंततः आगामी गंजा स्थान निर्माण होता है| स्त्रियों में स्त्री पैटर्न  नमूना गंजापन या बाल झड़ना निर्माण होता है जो ज़्यादातर रजोनिवृत्ती के पश्चात दिखाई देता हैं|इस गंजापन में पूरे स्काल्प के बाल पतले हो जाते है किन्तु सामने वाले बालों की रेखा अबाधित रहती है|

आलोपेशीया अरिटा -गंजापन के धब्बे स्काल्प पर दाढ़ी, और संभवतः भौए और पलकों के ऊपर भी दिखने लगते हैं |इसको ऑटोइम्युन डिसीज माना जाता है, जिसमें रोग प्रतिरोध प्रणाली हेयर फॉलिकल पर हमला करती है जिसके फलस्वरूप स्काल्प और शरीर के अन्य अंगों के बाल झड़ जाते है| कुछ असाधारण केसेस में सर के सारे बाल या कुछ हिस्से के बाल झड़ते हुए दिखते है|

टिनी कापीटीस –इस प्रकार के बालों का झड़ना स्काल्प पर हुए फफूँदी के जंतुसंसर्ग की वजह से होता है|ऐसी स्थिति का इलाज दवाइयों के जरिये आसानी से किया जा सकता है |

हार्मोनल बदलाव – थायरोइड ग्रंथी के अतिरिक्त कार्य क्षमता या कम कार्य क्षमता यह बाल झड़ने का एकमात्र कारण हो सकता है, जिसका इलाज भी हो सकता है|

ट्राक्क्षन आलोपेशीया – ऐसी कोई बालों की रचनाएँ है जिसमें बालों को कसके खींचकर बांधना अंतर्भूत होता है,जैसे चोटी,जुड़ा आदि,जिसका नतीजा बालों के फॉलिकल झड़ने में होता है|

बाल झड़ने के अन्य बहुत सारे कारण हैं,जैसे विशिष्ट दवाइयों के परिणाम,बीमारियाँ,और पोषण इलाज और दवाइयाँ

विभिन्न प्रकार की बाल झड़ने की समस्याओं पर सफलतापूर्वक इलाज के लिए कई असरदार चिकित्साओंकी उपलब्धि है|फिर भी कुछ बाल झड़ने की बीमारी का इलाज नहीं होता,और वे स्थायी स्वरूप के होते है|बाल झड़ने की समस्या के चिकित्सा में सामान्यतः दवाइयाँ, सर्जरी, लेजर थेरपी और बाल विस्तार अंतर्भूत होते है, फिर भी बढ़िया नतीजा पाने के लिए सिर्फ डॉक्टर ही उत्तम इलाज के बारे में सूचित कर सकते हैं|अंत में इलाज का अंतिम मकसद बालों को बढ़ाना और बाल झड़ने की गति को धीमा करना है|

औषधि प्रयोग

अगर बाल झड़ना किसी बीमारी की वजह से होता तो विशिष्ट इलाज की प्रक्रिया जरूरी है|औषधि प्रयोग में दवाइयों का अंतर्भाव , दाह न्यूनतम करना और रोग प्रतिरोध प्रणाली नष्ट करने के लिए हो सकता है| पैटर्न गंजापन के इलाज के लिए विशिष्ट औषधि प्रयोग उपलब्ध है और बाल झड़ने के इलाज के लिए FDA मान्यता प्राप्त दवाइयाँ इस प्रकार से है|

मिनोक्सिडिल[organ] यह एक विशिष्ट द्राव या झाग है जिसमें दिन में दो बार स्काल्प को रगड़ना पड़ता है जिससे बाल बढ़ जाते है | इसे स्त्री और पुरुष दोनों भी इस्तेमाल कर सकते है और कई लोगों को वास्तव में यह इलाज फायदेमंद साबित हुआ है| वे बालों का फिर से बढ़ना अनुभव करेंगे मगर धीमी गति से |इस औषधि के इस्तेमाल के बाद 16 हफ़्तों के बाद उसका कमाल परिणाम होता है|इससे मिले हुए फायदे स्थायी रुपसे रखने के लिए इसका इस्तेमाल जारी रखना चाहिए| इसके संभाव्य दुष्परिणाम स्काल्प पर जलन,चेहरे के आसपास और हाथों के आसपास की त्वचा पर अनचाहे बालों का बढ़ना आदि होते है|

फिनास्तेरोइड [प्रोपेशिया] यह डॉक्टर के नुस्खे पर मिलने वाली दवाई है जो सिर्फ पुरुषों के लिए उपलब्ध है|इन टिकियों से मिलने वाले फ़ायदों को कायम रखने के लिए इनका सेवन हर दीन करना पड़ता है|फिनास्तेरोइड के क्वचित  दुष्परिणामों में, घटी हुई यौन संबंध की इच्छा और फुर्ती का अभाव अन्तर्भूत होते है|गर्भवती स्त्रियोने टूटी हुई या पीसी हुई टिकियों को स्पर्श भी करना नहीं चाहिए|

सर्जिकल प्रक्रिया – स्थायी रूप से झड़े हुए बालों के इलाज के लिए सबसे असरदार इलाज बालों के रोपण की प्रक्रिया कराना यह है|बालों का रोपण,यह बालों के पूर्वावस्था के प्राप्ति की सर्जिकल प्रक्रिया है, जिसमें गंजापन का परिणामकारक इलाज हो सकता है|सर्जन माथे के पिछले वाले या बाजू से बाल निकालकर पतले बाल वाले हिस्से पर या गंजे हिस्से पर रोपण कराते है| ये प्रक्रिया खासकर लोकल बेहोशी की दवा देकर बाह्य रुग्ण प्रणाली के तौर पर की जाती है|बालों के रोपण की प्रक्रिया दो तरह से की जाती है| एक- स्लीट ग्राफ्ट और दूसरी मायक्रो ग्राफ्ट | स्लीट ग्राफ्ट में आमतौर पर ग्राफ्ट में 4 से 10 बाल होते है| तो मायक्रो ग्राफ्ट में 2 बाल होते हैं|निकाले हुए ग्राफ़्टों की संख्या,पतले हुए बालों की संख्या या गंजापन का क्षेत्र इसपर निर्भर होती है|बालों के रोपण की प्रक्रिया खास करके सर्जिकल प्रक्रिया है,जिसमें कोई गंभीर रूप के दुष्परिणाम नहीं होते और ज्यादा समय बरबाद नहीं  होता |पेशंट प्रक्रिया के एक दिन बाद अपना सामान्य जीवन फिरसे जीना शुरू कर सकता है |