कुछ लोगों के पास सुंदर, भरे हुए होंठ होते है और लोग स्वाभाविक रूप से पतले होंठों के साथ पैदा होते हैं, लेकिन कभी-कभी कुछ लोग प्राकृतिक बुढ़ापे के परिणामस्वरूप आमतौर पर अपने होंठों की मात्रा खो बैठते हैं । जैसे आप की उम्र बढती जाती है, वैसे आप के होंठ अनुबंधित हो जाते हैं, मुंह पतला हो जाता है, और आप के होठों के ऊपर और निचे लाइनें बन जाती हैं, जो ‘स्मोकर्स लाइंस’ जैसी दिखती हैं । सौभाग्य से, जो भी कारण हो, लिप फिलर या लिप इंजेक्शन आप को वः सुन्दर, बेहतर होंठ प्राप्त करने में मदद कर सकतें हैं । लिप इंजेक्शन अपेक्षाकृत तेजी से होंठों के मात्र की कमी होने की समस्या को संबोधित करतें हैं और जिन में लगभग शून्य डाउनटाइम होता है । लिप इंजेक्शन एक तेज सुधार विकल्प है जो 6 महीने या उस से भी अधिक रहता है । यह 18 से 80 साल की आयु के महिलाओं के लिए बहुत लोकप्रिय है और बेहतर होठों की वजह से किसी के भी दिखने में और बढ़ावा देता है ।

हाल ही में सेलिब्रिटी काइली जेनर ने लिप फिलर कर लिया है और बेहतर होठों को एक प्रवृत्ति बना दी है । शायद उसे देखने के बाद और ‘ट्राउट पाउट’ और ‘डक लिप्स’ की सोशल मीडिया में लोकप्रियता देख कर, लिप इंजेक्शन लेना एक प्रवृती बन गयी है । अधिकांश लोग, जो लिप फिलर्स के लिए नए है, सोचते हैं की इस की वजह से वह अप्राकृतिक और बहुत ‘बने हुए’ दिखने लगेंगे । लिप इंजेक्शन के लिए एक अच्छा डॉक्टर या नर्स चुनें, वे आपको यह समझाएँगे कि होंठों का नवीनीकरण आपके होठों की मात्रा बढ़ाने के बारे में है और वे अपने प्राकृतिक होंठ प्रोफाइल पर ध्यान से जोर भी देंगे । वे आप के सौंदर्य के संतुलन का प्रबंधन करने की कोशिश करेंगे ।

जब आप लिप इंजेक्शन के लिए जाएंगे, आप का डॉक्टर आप के होंठों में ह्यालुरोनिक ऐसिड का एक इंजेक्शन लगाएंगे । यह जेल, नरम ऊतक और चर्बी की जगह लेंगे, जो बुढ़ापे के प्राकृतिक व्यवहार के कारण खो गया था । यह इस प्रक्रिया में आप के होंठों को मोटा कर देगा । बहुत से लोग इस तरह के बढे हुए होंठों की कल्पना करते हैं जब वे पत्रिकाओं में विशाल, बड़े होंठों के साथ मशहूर हस्तियों की तस्वीरें देखते हैं; लेकिन, लिप इंजेक्शन के बाद कभी-कभी लोगों का अनुभव ऐसी तस्वीरों से बहुत अलग होता है । तो अगर आप लिप इंजेक्शन लेने की सोच रहे हैं, तो लिप इंजेक्शन के लिए डॉक्टर के साथ अपनी नियुक्ति का निर्धारण करने से पहले यहां पांच चीजें दी गयी हैं जो आप को ध्यान में रखनी चाहिए ।

  1. मोटे, बेहतर होंठ पाने के लिए ह्यालुरोनिक ऐसिड के आलावा कुछ और भी विकल्प हैं । जुवेडर्म, रेस्तायलेन और अन्य जैसे ह्यालुरोनिक ऐसिड लिप इंजेक्शन के लिए काफी सामान्य विकल्प हैं, जो ज्यादा टिकते भी हैं। इन के आलावा, आप को कुछ और सिकल्प भी उपलब्ध हैं, जो आप की विशेष जरूरतों के ऊपर निर्भर हैं । इन में से एक विकल्प है कोलैजेन इंजेक्शन । लेकिन कोलैजेन इंजेक्शन के लिए, आप को ऐलर्जी के परिक्षण लेने पड़ते हैं, क्यों की यह गोजातीय प्राणियों की चमड़ी से निकला जाता है । आप फैट ट्रांसफर के लिए भी जा सकते हैं, जिस में आप के शारीर के एक भाग से चर्बी निकाली जाती है और आप के होठों में इंजेक्ट की जाती है । लेकिन फैट ट्रांसफर की कम समय तक टिकने की प्रवृत्ति होती है क्यों की शारीर चर्बी को वापिस खिंच लेता है । फैट ट्रांसफर या लिप इम्प्लांट जैसे सर्जिकल विकल्प आघात कर सकते हैं, लेकिन वः ज्यादा देर टिकते हैं । बहुत से मरीज कम-प्रतिबद्धता वाले लिप इंजेक्शन के अच्छे परिणाम देखने के बाद सर्जिकल लिप एन्हांसमेंट के लिए जाते हैं । लिप फिलर के बारे में सब से अच्छी बात ये हैं की वे ह्यालुरोनिक ऐसिड, बेलोटेरो जैसे उत्पादों पर आधारित होते हैं, जो इंजेक्शन के बाद होठों के उतक में मिश्रित हो जाते हैं, और होठों के उतक में समय के साथ आसानी से अवशोषित हो जाते हैं, और नए कोलैजेन बनाने के लिए सच में बहुत मदद करते हैं ।
  2. फलर कितना इंजेक्ट करना है ये आप नियंत्रित कर सकते हैं । अगर आप ह्यालुरोनिक ऐसिड फिलर लेना चाहते हैं, तो आप ये निश्चित कर सकते हैं की आप के होठों पर कितना फिलर लगाना है । अगर ये आप ऑपरेशन के पहले तय करते हैं, तो आप बहुत बड़े ‘डक लिप्स’ जैसे बुरे नतीजे रोक सकते हैं, जो काफी ज्यादा द्रव के इंजेक्शन का परिणाम होते हैं । ऑपरेशन के पहले आप निर्धारित कर सकते हैं की आप के होठों में कितना फिलर आप को चाहिए ।
  3. यह करना काफी महंगा नहीं है । बहुत से लोग सोचते हैं कि लिप इंजेक्शन पारंपरिक प्लास्टिक सर्जरी के जितने ही महंगे हैं । लेकिन ये सच नहीं है, उन की कीमत प्लास्टिक सर्जरी के जितनी ऊँची नहीं है ।
  4. लिप इंजेक्शन लेना कोई सर्जरी नहीं है । यह सर्जरी नहीं समझी जाती है क्योंकि फिलर को इम्प्लांट नहीं किया जाता, बल्कि उन्हें इंजेक्ट किया जाता है ।
  5. इन में जोखिम जरुर होती है । इस में लाली, चोट होना और असममात्रिक विशेषताएं जैसे दुष्परिणाम होते हैं ।